गर्मियों का मौसम सिर्फ स्किन ही नहीं बल्कि आंखों के लिए भी बहुत सेंसिटिव होता है। इसलिए स्किन केयर के साथ एक प्रॉपर आई केयर रूटीन भी जरूरी है। दरअसल, गर्मियों में हीट वेव से आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है। इस दौरान हवा में नमी की कमी और UV रेज से सीधे संपर्क के कारण आंखों में सूखापन, जलन, खुजली, और रेडनेस जैसी समस्याएं हो सकती है। यह सभी चीजें आपकी आखों में कंजक्टिवाइटिस जैसी दिक्कतों को भी बढ़ावा देती है। लेकिन सवाल यह है कि इसके लिए आपको कौन से प्रकार का चश्मा पहनना चाहिए? इस जानकारी के लिए पूरी खबर पढ़े…
आंखों को बचाने के लिए आपको UV प्रोटेस्टेंट ग्लासेज लेना जरूरी है। ये आपकी आंखों को राहत देने के साथ साथ धूप से भी बचाता है। इसकी शुरुआती कीमत 600 रुपए तक हो सकती है। दरअसल, अल्ट्रावायलेट रेज सिर्फ सूरज ही नहीं, बल्कि मशीनों जैसे टैनिंग मशीन, ब्लैक लाइट और लेजर से भी निकल सकती है। यह तीन तरह की होती है- UVA, UVB और UVC।
UV प्रोटेस्टेंट ग्लासेज के साथ फोटोक्रोमिक लेंस का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह चश्में दो-टोन वाले धूप के चश्मे होते हैं, जो तेज रोशनी में गहरे और कम रोशनी में हल्के हो जाते हैं। इसका यह फीचर इसे घर के अंदर और बाहर उपयोग के लिए अच्छे होते हैं। सिंगल ग्रेडिएंट लेंस ऊपर से गहरे और नीचे से हल्के होते हैं, जो ऊपर से आने वाली रोशनी और चमक को कम करते हैं। लेकिन नीचे से नहीं।
सही धूप का चश्मा चुनना सिर्फ स्टाइल की बात नहीं है, बल्कि आंखों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। हमेशा UV 400 रेटेड चश्मे चुनें, जो UVA और UVB किरणों से 99% से 100% तक सुरक्षा देते हैं। ये किरणें आंखों को गंभीर नुकसान जैसे मोतियाबिंद और मैकुलर डिजनरेशन पहुंचा सकती हैं । अगर आपको पहले से ही आंखों की कोई बीमारी है, तो भूरे या एम्बर रंग के लेंस ज्यादा बेहतर होते हैं। ये आपको बेहतर कंट्रास्ट देते हैं। बाहर ज्यादा समय बिताने वालों के लिए पोलराइज्ड चश्मा फायदेमंद होता है। ये पानी या ड्राइविंग के दौरान आपकी आंखों को बचाते है।